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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पनीर खाने के फायदे व नà¥à¤•सान
पनीर à¤à¤• तरह का डेयरी पदारà¥à¤¥ है, जिसे दूध में खटास का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके बनाया जाता है। शायद ही कोई à¤à¤¸à¤¾ होगा जिसे पनीर या फिर कॉटेज चीज़ (cottage cheese) पसंद न हो। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिहाज से यह लजीज होता है, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ पनीर या पनीर से बने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सेवन किया जा सकता है? साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसके फायदे और नà¥à¤•सान कà¥à¤¯à¤¾ हैं? à¤à¤¸à¥‡ कई सवाल हैं, जो कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के दिमाग में घूमते हैं। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में à¤à¥€ हम इसी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर बात कर रहे हैं। यहां हम पनीर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हर जानकारी बताने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं।
सबसे पहले हम जानते हैं कि पनीर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पनीर खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
जी हां, पाशà¥à¤šà¤°à¥€à¤•ृत दूध से बने पनीर का गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सेवन किया जा सकता है। आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जैसे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के के कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठपनीर की सिफारिश की जाती है। इसमें पाठजाने वाले ये पोषक ततà¥à¤µ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के साथ ही होने वाले शिशॠके विकास के लिठà¤à¥€ फायदेमंद हो सकते हैं (1) (2)।
आइà¤, अब जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पनीर को कब खा सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पनीर कब खाना चाहिà¤?
हालांकि, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दाैरान पनीर खाना फायदेमंद है, लेकिन इसे किस तिमाही में खाना चाहिà¤, इस संबंध में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ शोध उपलबà¥à¤§ नहीं है। इसलिà¤, अगर आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पनीर खाना चाहती हैं, ताे बेहतर यही होगा कि à¤à¤• बार चिकितà¥à¤¸à¤• परामरà¥à¤¶ जरूर कर लें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी सेहत व गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सलाह देंगे कि पनीर को कब और कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना चाहिà¤à¥¤
आइà¤, अब जानते हैं कि à¤à¤• दिन में कितना पनीर खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है।
मैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤• दिन में कितना पनीर खा सकती हूं?
शोध में पाया गया है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पनीर की 4 से 5 सरà¥à¤µà¤¿à¤‚ग मलतब करीब 120 से 140 गà¥à¤°à¤¾à¤® पनीर फायदेमंद हो सकता है (3)। फिर à¤à¥€ आपकी सेहत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पनीर की कितनी मातà¥à¤°à¤¾ उचित यह डॉकà¥à¤Ÿà¤° ही बता सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हर महिला की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ अलग-अलग होती है।
आगे हम पीनर में पाठजाने वाले पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं।
पनीर के पोषक ततà¥à¤µ
पनीर में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं। नीचे हम टेबल के जरिठउनके बारे में बता रहे हैं।
साथ ही उनकी मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में à¤à¥€ जिकà¥à¤° किया गया है (4):
पोषक ततà¥à¤µ मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 गà¥à¤°à¤¾à¤®
ऊरà¥à¤œà¤¾ 321 kcal
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ 21.43 गà¥à¤°à¤¾à¤®
फैट 25 गà¥à¤°à¤¾à¤®
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ 3.57 गà¥à¤°à¤¾à¤®
शà¥à¤—र 3.57 गà¥à¤°à¤¾à¤®
मिनरलà¥à¤¸
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® 714 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
सोडियम 18 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
विटामिन
विटामिन-à¤, आईयू 714 आईयू
लिपिडà¥à¤¸
फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ टोटल सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ 16.07 गà¥à¤°à¤¾à¤®
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² 89 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में पनीर के फायदों के बारे में बताया जा रहा है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पनीर के 6 सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठ| Pregnancy Me Paneer Khane Ke Fayde
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पनीर का सेवन करने से निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित फायदे हो सकते हैं:
à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में सहायक : 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पनीर में लगà¤à¤— 21.43 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ होती है (4)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान माता और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤• आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ होता है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की कमी के कारण à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में कमी, मांसपेशियों की कमजोरी, गंà¤à¥€à¤° बीमारी और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की खà¥à¤°à¤¾à¤• इन सà¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर रखने में मदद कर सकती है (5)।
मजबूत हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठ: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अहम पोषक ततà¥à¤µ हो सकता है। 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पनीर में लगà¤à¤— 714 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ होती है (4)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कम से कम 1000 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट की आवशà¥à¤¯à¤•ता हाेती है। साथ ही à¤à¥à¤°à¥‚ण की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास के लिठà¤à¥€ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जरूरी पोषक ततà¥à¤µ है। खासकर, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जरूर लेना चाहिà¤à¥¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª à¤à¥€ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहता है और अगली पीढ़ी में उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾ को रोकने में मदद मिलती है (6)।
आंखों के लिठजरूरी : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं और à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठविटामिन-ठà¤à¥€ जरूरी पोषक ततà¥à¤µ माना गया है। शारीरिक और मानसिक विकास के साथ ही आंखों के लिठà¤à¥€ यह आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ माना जाता है। इसके अलावा, विटामिन-ठà¤à¥à¤°à¥‚ण के अंगों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास के लिठà¤à¥€ जरूरी होता है। विटामिन-ठरतौंधी यानी अंधेपन से à¤à¥€ बचा सकता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठविटामिन-ठका सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ देखा गया है (7)। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पनीर का सेवन विटामिन-ठकी पूरà¥à¤¤à¥€ के लिठकारगर हो सकता है।
मां व शिशॠका पूरà¥à¤£ विकास : माना गया है गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में हर पोषक ततà¥à¤µ की अपनी अलग à¤à¥‚मिका होती है। उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है विटामिन-डी है। पनीर को विटामिन-डी का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना गया है (8)। विटामिन-डी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद वाले समय के लिठजरूरी है। विटामिन-डी के सेवन से असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और टाइप 1 डायबिटीज जैसे रोग को होने से रोक सकता है (9)।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव : पनीर में पाई जाने वाली आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फायदेमंद हो सकती है (2)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आयरन की कमी से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है। यह अवसà¥à¤¥à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठहानिकारक हो सकती है। शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयरन के कारण हिमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है, जो फेफड़ों से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ को अनà¥à¤¯ अंगों तक पहà¥à¤‚चाता है (10)।
नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब दोष से बचाव : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों के लिठफोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ जरूरी है। वहीं, पनीर में फोलेट की मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है (11)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के साथ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ या फिर फोलेट के सेवन से नवजात शिशॠमें नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब दोष (Neural Tube Defects) होने का खतरा कम हो सकता है। à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का जनà¥à¤® दोष होता है, जो शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 0.4 से 4 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यहां हम सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दें कि सिरà¥à¤« फोलेट के जरिठजनà¥à¤® दोष को दूर नहीं किया जा सकता। इसके साथ अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ व चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठउपचार की à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है (12)।
पनीर के फायदों के बाद अब पनीर से होने वाले दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के बारे में जानते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पनीर के सेवन से होने वाले दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
जरूरी नहीं कि पनीर हमेशा ही सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद रहे। किसी-किसी के लिठयह नà¥à¤•सानदायक à¤à¥€ साबित हो सकता है। पनीर से होने वाले कà¥à¤› नà¥à¤•सान इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
पनीर में पाया जाने वाला वसा कई बार हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकता है। यह à¤à¤²à¤¡à¥€à¤à¤² यानी खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ा सकता है, जिससे हृदय रोग होने की आशंका रहती है (13);।
कà¥à¤› लोगों को दूध और उससे बने पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ (Lactose Intolerance) होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों के पनीर खाने से पेट में à¤à¤‚ठन, सूजन, गैस, दसà¥à¤¤ और मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (14) (15)।
आगे हम पनीर के हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ काे कम करने के लिठकà¥à¤› सावधानियां बता रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पनीर का सेवन करते समय बरती जाने वाली सावधानियां
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पनीर का सेवन करते समय कà¥à¤› सावधानियों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सजग होना जरूरी है, जो इस पà¥à¤°à¤•ार है:
सबसे पहले आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह ले लेना चाहिठकि आप पनीर खा सकती हैं या नहीं।
कà¤à¥€ à¤à¥€ कचà¥à¤šà¥‡ पनीर का सेवन न करें। उसमें हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं, जो सेहत पर नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिखा सकते हैं। इसलिà¤, पनीर को अचà¥à¤›à¥€ तरह से पकाकर खाया जा सकता है।
पनीर का सेवन उचित और डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ही करें।
हमेशा ताजा पनीर का सेवन करें, बासी पनीर सेहत के लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकता है।
सावधानियों के बाद लेख के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम पनीर की कà¥à¤› खास रेसिपी बता रहे हैं।
अपने आहार में पनीर को कैसे शामिल करें
अगर पनीर को सही खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ खाया जाà¤, तो पनीर के सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ 100 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मिल सकते हैं। उदाहरण के लिठपनीर को वॉलनट ऑयल या फिर ऑलिव ऑयल में बनाया जा सकता है। इसके अलावा, पनीर को कीवी के साथ मिलाकर सलाद बना सकते हैं और ऊपर से हलà¥à¤•ा नींबू छिड़क सकते हैं। साथ ही पनीर को शिमला मिरà¥à¤š के साथ बनाकर खाना à¤à¥€ सही है। यहां हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही डिश लाठहैं, जो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिहाज से फायदेमंद हैं।
1. पालक पनीर
सामगà¥à¤°à¥€:
150 गà¥à¤°à¤¾à¤® पनीर
100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पालक
2-3 हरी मिरà¥à¤š बीज रहित
à¤à¤• चौथाई कप पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, बारीक कटा हà¥à¤† या पेसà¥à¤Ÿ
आधा कप टमाटर
à¤à¤• चौथाई चमà¥à¤®à¤š कसूरी मेथी
à¤à¤• चौथाई चमà¥à¤®à¤š जीरा पाउडर
आधा चमà¥à¤®à¤š धनिया पाउडर
1 चमà¥à¤®à¤š अदरक और लहसà¥à¤¨ का पेसà¥à¤Ÿ
à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी गरम मसाला
1 दालचीनी
2 लौंग
2 हरी इलायची
à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी जीरा
4 काजू
2 बड़े चमà¥à¤®à¤š ताजा कà¥à¤°à¥€à¤®
थोड़े से अखरोट
अलसी का पाउडर
नींबू का रस (सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤°)
आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° तेल या मकà¥à¤–न
आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° नमक
बनाने की विधि:
कूकिंग पैन को मधà¥à¤¯à¤® आंच पर रखकर à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š तेल डालें और फिर पनीर को उसमें डालकर हलà¥à¤•ा à¤à¥‚रा होने तक à¤à¥‚न लें। फिर इसे अलग किसी पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में निकालकर रख लें।
अब उसी पैन में मधà¥à¤¯à¤® आंच पर लगà¤à¤— दो से तीन मिनट तक पालक व हरी मिरà¥à¤š डाल कर à¤à¥‚नें। फिर ठंडा होने के लिठअलग रख दें।
à¤à¤• पैन में तेल गरम करें और उसमें दालचीनी, इलायची व जीरा डालें। जब ये थोड़े चटक हो जाà¤à¤‚, तो इसमें पà¥à¤¯à¤¾à¤œ डालकर सà¥à¤¨à¤¹à¤°à¤¾ होने तक à¤à¥‚न लें।
फिर इसमें अदरक और लहसà¥à¤¨ का पेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ डाल दें और कà¥à¤› सेकंड तक à¤à¥‚न लें।
फिर इस मिशà¥à¤°à¤£ में टमाटर व नमक à¤à¥€ मिकà¥à¤¸ करके थोड़ी देर तक à¤à¥‚न लें।
अब इसमें धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, कसूरी मेथी, और गरम मसाला मिलाà¤à¤‚।
इसके बाद आधा कप पानी डालें और लगातार चलाà¤à¤‚, जब तक कि मिशà¥à¤°à¤£ गाढ़ा न हो जाà¤à¥¤
फिर इसमें पालक पà¥à¤¯à¥‚री डालकर धीमी आंच पर उबालते रहें। इसे तब तक पकाà¤à¤‚, जब तक कि आ पको बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ बनते न दिखाई दें।
अब इसमें पहले से तले हà¥à¤ पनीर को डालकर मिलाà¤à¤‚। इसे 5 से 10 मिनट तक पकने के लिठछोड़ दें।
अगर आप कà¥à¤°à¥€à¤® का उपयोग कर रहे हैं, तो आप उसे अà¤à¥€ इसमें मिकà¥à¤¸ कर सकते हैं। आप काजू को विकलà¥à¤ª के रूप में à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
अब इसे आप अखरोट से गारà¥à¤¨à¤¿à¤¶ कर सकते हैं। साथ ही सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठइसमें अलसी का पाउडर व थोड़ा-सा नींबू का रस डाल सकते हैं।
अब आपका पालक पनीर तैयार है। आप इसे चावल, रोटी या नान के साथ खा सकते हैं।
2. पनीर टिकà¥à¤•ा
सामगà¥à¤°à¥€:
1 कप पनीर चौकोर आकार में कटे हà¥à¤
आधा कप शिमला मिरà¥à¤š के टà¥à¤•ड़े
1 कप लाल पà¥à¤¯à¤¾à¤œ कटी हà¥à¤ˆ
आधा कप फेंटा हà¥à¤† दही
1 बड़े चमà¥à¤®à¤š सरसों का तेल
1 छोटा चमà¥à¤®à¤š लाल मिरà¥à¤š पाउडर
चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर
आधा चमà¥à¤®à¤š चाट मसाला
चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° गरम मसाला
1 छोटा चमà¥à¤®à¤š जीरा पाउडर
1 छोटा चमà¥à¤®à¤š धनिया पाउडर
आधा चमà¥à¤®à¤š अदरक-लहसà¥à¤¨ का पेसà¥à¤Ÿ
नमक सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤°
1 बड़ा चमà¥à¤®à¤š जैतून का तेल
गारà¥à¤¨à¤¿à¤¶ के लिठधनिया पतà¥à¤¤à¤¿
बनाने की विधि:
à¤à¤• बड़े कटोरे में दही लें और इसे चिकना होने तक फेंट लें।
फिर इसमें सà¤à¥€ मसाले, नमक और सरसों का तेल अचà¥à¤›à¥€ तरह से मिला लें।
अब इस मिशà¥à¤°à¤£ को पनीर के टà¥à¤•ड़ों व कटी हà¥à¤ˆ शिमला मिरà¥à¤š लगाà¤à¤‚।
फिर पनीर कà¥à¤¯à¥‚ब और शिमला मिरà¥à¤š को कबाब सींक पर लगाà¤à¤‚।
अब नॉन-सà¥à¤Ÿà¤¿à¤• तवा या कढ़ाही में तेल डालकर गरम करें।
तवा या कढ़ाही गरà¥à¤® होने के बाद कबाब की सींक को उस पर रखकर मधà¥à¤¯à¤® आंच पर सेक लें।
सींक को लगà¤à¤— तीन से चार मिनट तक घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚, जब तक पनीर और सबà¥à¤œà¥€ चारों तरफ से हलà¥à¤•े à¤à¥‚रे रंग की न हो जाà¤à¤‚।
अब इसे पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में डालें और ऊपर धनिया पतà¥à¤¤à¥€ से गà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤¶ करें।
उस पर थोड़ा नींबू का रस व चाट मसाला छिड़क कर पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ की चटनी के साथ खाà¤à¤‚।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कचà¥à¤šà¤¾ पनीर खा सकते हैं?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¥‡ या बिना पके हà¥à¤ पनीर का सेवन न करें। हो सकता है वो बैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दूषित हो, जो नà¥à¤•सानदायक हो सकते हैं। इसलिà¤, पनीर को हमेशा पकाकर ही खाà¤à¤‚।
घर में आसानी से पनीर कैसे बनाà¤à¤‚?
बाजार में मिलने वाले पनीर की जगह घर में बना पनीर सबसे बेहतर व सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है। घर में इस तरीके से पनीर बनाया जा सकता है:
सामगà¥à¤°à¥€:
1 लीटर दूध
1 चमà¥à¤®à¤š नींबू या सिरका
बनाने की विधि:
दूध को मधà¥à¤¯à¤® से तेज आंच पर उबालें।
इसमें नींबू या फिर सिरका मिलाà¤à¤‚।
थोड़ी देर में पानी और पनीर दोनों अलग हो जाà¤à¤‚गे।
कà¥à¤› देर बाद पनीर पूरी तरह से सतह पर बैठजाà¤à¤—ा।
अब à¤à¤• साफ सूती कपड़े से पानी को छानकर पनीर अलग कर लें।
इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में आपने पढ़ा कि किस पà¥à¤°à¤•ार से पनीर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठफायदेमंद है। पनीर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के साथ ही à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हाे सकता है। यह न सिरà¥à¤« सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाता है, बलà¥à¤•ि इसमें पाठजाने वाले पोषक ततà¥à¤µ जहां à¤à¤• ओर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहतर हैं, वहीं à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में à¤à¥€ कारगर हो सकते हैं। आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से पनीर को अपनी डाइट में संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में शामिल कर सकती हैं।
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